Ticker

6/recent/ticker-posts

Header Ads Widget

Bihar:बिहार में साइकिल और पोशाक योजना में बड़ा बदलाव, अब 75 प्रतिशत हाजिरी की शर्त खत्मnews

 INT NEWS NETWORK 

INT S.tiwari:बिहार सरकार ने साइकिल और पोशाक योजना के लिए 75 प्रतिशत उपस्थिति की अनिवार्यता समाप्त कर दी है। इसके अलावा, गर्मी की छुट्टियों के दौरान पूरी तरह से अवकाश रहेगा। यह घोषणा राज्य के शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने विधान परिषद में की।

स्कूलों में छात्रों को पहले ही मिलेगी साइकिल और पोशाक

अब स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में ही साइकिल और पोशाक उपलब्ध करा दी जाएगी। इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए अब उपस्थिति की कोई न्यूनतम सीमा नहीं होगी। शिक्षा मंत्री ने बजट प्रस्तुति के दौरान यह भी बताया कि गर्मी के मौसम में स्कूलों में कोई अतिरिक्त कक्षाएं नहीं लगेंगी।

शिक्षा के डिजिटल युग की ओर कदम


राज्य सरकार अगले वर्ष 29,000 स्कूलों में कक्षा 6, 7 और 8 के छात्रों के लिए कंप्यूटर उपलब्ध कराएगी। इसके अलावा, दिव्यांग छात्रों के लिए विशेष कक्षाएं चलाई जाएंगी। केंद्रीय विद्यालयों की स्थापना के लिए भी शीघ्र ही भूमि आवंटित की जाएगी।

उच्च शिक्षा में सुधार और अनुशासन पर जोर

उच्च शिक्षा क्षेत्र में बिहार का बजट केवल तीन राज्यों से कम है। राज्य में दो हजार से अधिक असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति की जा चुकी है। सरकार विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक सत्र को समय पर संचालित करने और वित्तीय अनुशासन बनाए रखने के लिए प्रयासरत है। भ्रष्टाचार में लिप्त पाए जाने वाले शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर कार्रवाई जारी है, जिसमें निलंबन भी शामिल है।

राज्य में 44% महिला शिक्षक, साक्षरता दर में सुधार


शिक्षा मंत्री ने बताया कि वर्तमान में बिहार में 44 प्रतिशत महिला शिक्षक कार्यरत हैं, जो नारी सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। 2001 में राज्य की सामान्य साक्षरता दर 40 प्रतिशत थी, जबकि महिलाओं की साक्षरता दर मात्र 34 प्रतिशत थी। 2023 तक यह बढ़कर क्रमशः 80 प्रतिशत और 74 प्रतिशत हो गई है। राज्य के 1.08 करोड़ छात्रों को मध्याह्न भोजन योजना का लाभ मिल रहा है। 

वैश्विक स्तर पर बिहार की योजनाओं की चर्चा

अमेरिका के एक प्रोफेसर ने बिहार की साइकिल और पोशाक योजना पर शोध कर इसकी रिपोर्ट संयुक्त राष्ट्र (UNO) को प्रस्तुत की। इस रिपोर्ट के आधार पर जिम्बाब्वे सहित कई अन्य देशों को शिक्षा के लिए अधिक वित्तीय सहायता प्रदान की गई। पिछले वर्ष बिहार में 7,59,832 छात्रों को इस योजना का लाभ मिला था।


Post a Comment

0 Comments