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खास बात
--पहले फेज में 15 करोड़ रुपये का निवेश ::: अमित सरावगी
---- 5000 नए रोजगार के अवसर मई माह में होगा उत्पादन
आईनटी न्यूज़ नेटवर्क::: मोतीपुर स्थित मेगा फूड पार्क में बिहार का पहला मछली पालन फीड का निर्माण शुरू होगा। इसके लिए अनमोल फीड्स प्राइवेट लिमिटेड यहां करीब 50 करोड़ की लागत से दो फेज में मछली फीड्स का निर्माण करेगी। इसमें से पहले फेज के प्लांट के निर्माण कार्य का काम लगभग पूरा हो गया है और मई माह में इसके शुरू करने की योजना है। कंपनी के प्रबंध निदेशक अमित सरावगी ने ने कहा कि बिहार में मछली पालन पारंपरिक उद्योग रहा है, पर मछली को खिलाने वाला आहार (दाना) आज भी बाहर से मंगाया जाता है। अब यही बनेगा।नई यूनिट की घोषणा के समय कंपनी के सीएफओ राजश्री चट्टोपाध्याय और महाप्रबंधक रितेश खरे मौजूद थे।
बोले सरावगी रोजगार सृजन की दिशा में पहला कदम
मुजफ्फरपुर रमना निवासी अमित सरावगी ने कहा कि कोलकाता में कंपनी का मुख्यालय बनाकर वहीं पर रहते हैं। लेकिन बिहार और मुजफ्फरपुर के प्रति उनका जो लगाव है उसी को लेकर नई यूनिट का विस्तार कर रहे हैं। बताया दो दशक पहले, कालेज की पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने बिहार में बढ़ती बेरोजगारी को देखते हुए एक ठोस निर्णय लिया। उन्होंने न केवल एक उद्यमी बनने की राह चुनी, बल्कि बिहार और देश के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने का भी संकल्प लिया। अपने व्यावसायिक कौशल और दूरदृष्टि से उन्होंने पशु आहार उद्योग में मांग और आपूर्ति के अंतर को पहचाना। इस विचार को साकार करते हुए उन्होंने मुजफ्फरपुर में सीमित पूंजी के साथ पहला पशु आहार निर्माण संयंत्र स्थापित किया, जिससे अनमोल फीड्स की यात्रा शुरू हुई। आज यह कंपनी 650 करोड़ रुपये के टर्नओवर के साथ बिहार के औद्योगिक विकास की मजबूत नींव रख चुकी है।
बिहार के साथ छह राज्यों में चल रही है मिल गई कई को रोजगार
बताया कि वर्तमान में अनमोल फीड्स छह राज्यों उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर, झारखंड और हरियाणा में आठ अत्याधुनिक निर्माण इकाइयां संचालित कर रही है। कंपनी की कुल उत्पादन क्षमता 1300 मीट्रिक टन प्रतिदिन है और यह 20 राज्यों में अपने उत्पादों की आपूर्ति कर रही है। मोतीपुर स्थित मेगा फूड पार्क में 15 करोड़ रुपये के निवेश के साथ अपनी नई अत्याधुनिक फैक्ट्री के विस्तार की घोषणा की। उन्होंने बताया कि पहले फेज में 15 करोड़ की लागत से फैक्ट्री का निर्माण हो रहा है, जो मई माह में शुरू हो जाएगा। इसके बाद 30-35 करोड़ की लागत से इसका विस्तारीकरण भी किया जाएगा। कुल मिलाकर नए प्रोजेक्ट से 5000 नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे, जिससे बिहार में औद्योगिक और आर्थिक विकास को और अधिक गति मिलेगी। वर्तमान में, अनमोल फीड्स के बिहार के प्लांट्स से लगभग 50,000 परिवारों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिला हुआ है।मेहनत से पहचान अब मर्चेंट चेंबर ऑफ कॉमर्स पहले बिहारी अध्यक्ष:
बताया कि अपनी मेहनत से पहचान बनी अब पश्चिम बंगाल स्थित मर्चेंट चेंबर ऑफ कॉमर्स का अध्यक्ष उनको चुना गया है। बताया संगठन के स्थापना के करीब 124 साल के इतिहास में यह पहला अवसर है जब बंगाल के बाहर के किसी व्यक्ति को यह सम्मानित पद संभालने का अवसर प्राप्त हुआ है। उन्होंने अपने संस्था के सभी सदस्यों के प्रति आभार जताया और कहा किया बिहार के लिए कौरवों की बात है।
बिहार को औद्योगिक हब बनाने की दिशा में योगदान, दे रहे रोजगार
अनमोल फीड्स "नौरिचर" (Nouriture) ब्रांड के तहत अपने व्यवसाय को और अधिक सशक्त किया है। अब तक यह ब्रांड एक लाख से अधिक किसान परिवारों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित कर चुका है। इस पहल से न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ, बल्कि बिहार को पोल्ट्री फीड निर्माण के प्रमुख केंद्र के रूप में भी स्थापित किया गया।
आज बिहार में पशुपालन और मत्स्य पालन को एक सम्मानजनक व्यवसाय का दर्जा मिल रहा है। आईआईटी और आईआईएम जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के छात्र भी इन क्षेत्रों में करियर बना रहे हैं। अमित सरावगी की इस पहल से बिहार के ग्रामीण इलाकों में स्वरोजगार को बढ़ावा मिला है और युवा उद्यमियों के लिए नए अवसर खुले हैं।
बिहार सरकार और अनमोल फीड्स की साझा प्रतिबद्धता
उन्होंने बताया कि अब बिहार सरकार का ध्यान उद्योग स्थापना और कौशल विकास कार्यक्रमों पर है। अनमोल फीड्स भी इस दिशा में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। हम लोग किसानों और उनसे जुड़े लोगों को ट्रेनिंग मुहैया कराते हैं। उनको गाय, बकरी, मुर्गी, सूअर तथा मछली पालन के उद्यम शुरू करने में उनकी मदद करते हैं। उनको तकनीकी ट्रेनिंग देने के साथ ही सरकार की योजनाओं के तहत वित्तीय सहायता दिलाने के क्षेत्र में भी मदद करते हैं।
उन्होंने बताया कि "बिहार मेरा अपना राज्य है और यह मेरे दिल के बेहद करीब है। यहां प्राकृतिक संसाधनों की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता है तो सिर्फ इन्हें सही दिशा देने की। हमारा उद्देश्य इन संसाधनों का अधिकतम उपयोग कर राज्य में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देना और युवाओं के लिए अधिक रोजगार के अवसर पैदा करना है।"
बिहार में आर्थिक समृद्धि की नई राह
अनमोल फीड्स की विस्तार योजनाएं बिहार को पशु आहार निर्माण का सबसे बड़ा केंद्र बनाने में मदद कर रही हैं। इसके अलावा, कंपनी पोल्ट्री, मछली पालन और मवेशी आहार के उत्पादन में भी अग्रणी भूमिका निभा रही है। बिहार में पशुपालन का योगदान कृषि के सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) में 36% है। पिछले कुछ वर्षों में अंडा, मांस और मत्स्य पालन के उत्पादन में जबरदस्त वृद्धि हुई है, जिससे राज्य की जीडीपी को मजबूती मिली है।आत्मनिर्भर बिहार की ओर अग्रसर
अनमोल फीड्स न केवल बिहार के औद्योगिक विकास को गति दे रहा है, बल्कि राज्य के युवाओं और किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। अमित सरावगी का मानना है कि स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देकर ही बिहार को आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है। बिहार के उद्योग और रोजगार के क्षेत्र में अनमोल फीड्स का योगदान निश्चित रूप से एक प्रेरणादायक कहानी है, जो राज्य के विकास और आत्मनिर्भरता के मार्ग को और अधिक सशक्त बना रही है।
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