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-- एसएसबी 47वीं बटालियन के मेडिकल कमांडेंट डा. निशिकांत के देखरेख में चल रहा चिकित्सा शिविर
आईएनटी टीम रक्सौल ::
भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा में तैनात एसएसबी के अधिकारी व जवान सीमावर्ती क्षेत्रों में मानवता की सेवा में चिकित्सकीय सेवाओं का लाभ भी ग्रामीणों तक पहुंचाते है। जिसका मुख्य उदेश्य जरुरतमंद लोगों तक चिकित्सकीय सेवाओं का लाभ पहुंचाना है। स्वस्थ्य शरीर में स्वच्छ विचार आते है। जिसे व्यक्ति का जीवन आनंदमय व्यतीत होता है। इनदिनों भारत-नेपाल का सीमावर्ती क्षेत्र कड़ाके की ठंड की चपेट में है। लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में एसएसबी 47वीं बटालियन के मेडिकल कमांडेंट डा. निशिकांत के निर्देश पर निशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्य सालोभर होता है। जिसमें बटालियन की जी कंपनी, सेनुवारिया द्वारा वाइब्रेंट विलेज योजना के अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय सेनुवारिया गांव में मेडिकल सिविक एक्शन कार्यक्रम के तहत निःशुल्क चिकित्सा शिविर आयोजित हुआ। 47 वीं बटालियन पनटोका रक्सौल मुख्यालय के मेडिकल कमांडेंट डा. निशिकांत ने चिकित्सा शिविर के दौरान सहायक कमांडेंट दीपांशु चौहान सहित करीब दस जवानों की उपस्थिति में एक सौ से अधिक ग्रामीणों का निःशुल्क उपचार किया। शिविर के दौरान ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच की गई तथा उन्हें निःशुल्क दवाइयां प्रदान की गईं। कड़ाके की ठंड को देखते हुए ग्रामीणों को ठंड से बचाव संबंधी आवश्यक परामर्श दिया गया। इसके अतिरिक्त खांसी, बुखार, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, घुटनों के दर्द आदि से पीड़ित रोगियों की निःशुल्क जांच एवं उपचार किया गया। डा. निशिकांत ने बताया कि एसएसबी सीविक एक्शन कार्यक्रम के तहत सीमावर्ती क्षेत्र के गांवों में मेडिकल कैंप लगाकर जरुरतमंद लोगों का उपचार करती है।
भारत-नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्रों में पूर्वी एवं पश्चिम चंपारण जिलों के सीमावर्ती गांवों में एसएसबी 47 वीं बटालियन के द्वारा भारत-नेपाल के सीमावर्ती हरपुर, सिकटा, भेलाही, भेड़िहरवा, भलुवहिया, सिसवा, रक्सौल, सेनुवरिया, भरतमही, कंगली एवं मुसहरवा आदि गांवों में चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया है। जिसमें करीब 4001 मरीजों का उपचार हुआ है। जिसमें पुरुष व महिलाएं शामिल है। जिनके बीच निशुल्क दवा का वितरण किया गया है। एसएसबी 47 वीं बटालियन के मेडिकल कमांडेंट डा. निशिकांत ने बताया कि मानवता की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा के साथ-साथ सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों के स्वास्थ्य की भी देखभाल एसएसबी करती है। इसका मुख्य उदेश्य एसएसबी और स्थानीय जनता के बीच आपसी विश्वास, सहयोग एवं सद्भाव को और अधिक सुदृढ़ करना है।



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